जनता की परेशानियों का आखिर कौन हैं जिम्मेवार?



2022 की शुरुआत से ही भारत सरकार की कोशिश रही है जनता की परेशानियों को कम करना , लेकिन हर प्रयास नाक़ाम रहा है। Covid से मारी जनता आंदोलन करने का रास्ता अख्तियार कर चुकी हूं, क्योंकि 2 साल के lockdown, भुखमरी और बेरोजगारी से जनता एकदम त्रस्त आ चुकी है। जनता भारी उम्मीदों से एक सरकार चुनती है, सोचती है सरकार उनकी दिक्कतों का ख़्याल रखेगी, लेकिन सरकारें उनकी आकांक्षाओं पर पूरी तरह से नाक़ाम रही है।

साल के शुरुआत मे ही 28 जनवरी को RRB NTPC रेलवे परीछाओ मे देरी के कारण बिहार के छात्रों ने प्रदर्शन करना शुरू किया और धीरे धीरे ये प्रदर्शन बिहार से उत्तर प्रदेश तक पहुँच गया | ये पूरा मामला उत्तर प्रदेश के चुनाव से पहले का मामला था जिसके कारण कई चुनावी दलों ने इसका फायदा बखूबी उठाया और सियासी दल छात्रों के इस प्रदर्शन मे शामिल हुए | बेरोजगारी के खिलाफ बिहार के छात्रों का ये आंदोलन समाप्त हुआ भी नहीं था की उतने मे ही february में कर्नाटक के उडुपी जिले से छात्रों ने हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन की शुरुआत कर दि | उडुपी से शुरू हुआ ये आंदोलन भी धीरे धीरे पुरे दक्षिण भारत मे फ़ैल गया जिसके कारण हिन्दू मुस्लिम के बीच काफी अन बन देखने को मिला | हिजाब आंदोलन के कारण छत्रओ का कॉलेज में हिजाब पहनने पर कॉलेज प्रशासन द्वारा रोक लगाने पर किया गया था | मुस्लिम छात्राओं के कॉलेज में हिजाब पहनने पर हिन्दू छात्र भी कॉलेज में भगवा साफा / शौल पहनने की माँग पे उतर आये मामला इतना ज्यादा बढ़ गया की सरकार को धारा 144 लागु करते हुए सभी स्कूल कॉलेज बंद करना पड़ा और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया | इस वक़्त भी चुनावी माहौल था जिसका फायदा सियासी दलों द्वारा बखूबी उठाया गया |

आंदोलन का ये कार्यक्रम मार्च के महीने मे जरा शांत देखने को मिला जिसका मुखये कारण चुनावी नतीजे की घोसना हो सकती हैं | चुनाव मे फिरसे भारतीय जनता पार्टी के जितने के बाद मार्च का महीना पिछले दो महीनों के मुकाबले काफी शांति पूर्वक गुजरा लेकिन अगले ही महीने अप्रैल मे अचानक से डीज़ल पेट्रोल के बढ़ते दामों ने जनता को झकझोर कर रख दिया जिसके कारण जनता काफी निरास दिखी | 6 माहीने के बाद अचानक से डिसल पेट्रोल और cng के दिन पर दिन बढ़ते दाम ने जनता को परेशानियों मे डाल दिया |

कुछ समये बाद bjp पार्टी के सके्य नूपुर शर्मा का एक बयान लोगो के लिये इतना ज्यादा भरकओ हो जाता हैं की नूपुर शर्मा के खिलाफ पुरे देश में नरेवाजी होने लगती हैं और उन्हें जेल मे डालने, फांसी पर लटकाने तक की माँग होने लगती हैं यहां तक की पार्टी से भी हटा दिया जाता हैं क्युकी नूपुर शर्मा के खिलाफ केबल भारत मे ही नहीं बल्की भारत के बाहर भी कई कलाकार और सरकार आंदोलन करने लगते हैं | नूपुर शर्मा ने टीवी पर prophet मोहमद के ऊपर एक बयान दिया जिससे सारे मुस्लिम गुट भरक उठे और ये रास्ट्रीय मुद्दा बन गया |

नूपुर शर्मा का ये मुद्दा चल ही रहा था तभी मांगलवार 14 जून को सरकार ने अग्निपथ योजना का ऐलान किया जिससे युवक जनता काफी आक्रोश मे आ गये जिसका प्रदर्सन कई राज्यों मे जम कर किया गया खास तौर पे यूपी,बिहार,राजस्थान जैसे राज्य में जिसे देखते हुए हम अंदाजा लगा सकते हैं की युवक इस योजना से काफी असंतुस्ट हैं | यह आंदोलन यही नहीं रुका कई युवको ने अपने जान तक गवा दिए मामला इतना ज्यादा बढ़ गया की बिहार के कई जिलों मे इंटरनेट सेवा बंद कर दि गयी | सरकार अग्निपथ योजना को समझाने मे काफी बुरी तरीके से असफल रही जिसके कारण आज जान – माल का नुकसान पूरी तरीके से देखने को मिल रहा हैं | जिसके जिम्मेवार केबल सरकार होंगे |

6 महीने के अंदर ये जनता द्वारा चौथा आंदोलन किया गया हैं जिससे हम ये साफ तौर पे अंदाजा लगा सकते हैं की सरकार जनता के उम्मीदों पे खरे उतरने में असफल साबित हो रही हैं |