
कर्नाटक के उडूपी के कॉलेजो में हिजाब पहनकर आने पर अचानक से रोक लगा दिया गया जिससे लोगो के बीच अन – बन होनी शुरू हो गयी | यह बात शुरुआत में काफी छोटी और मामूली लग रही थी पर धीरे – धीरे यह मुद्दा बढ़ते गया और रष्ट्रीय मुद्दों में से एक बन गया | एक तरफ मुस्लिम संगठन तो दूसरी तरफ हिन्दू संगठन अपने बातो पे अड़े रहे जिससे ये मामला धीरे – धीरे कोर्ट तक पहुँच गया |
इस वाक्या की शुरुआत कहाँ और कब से हुई?
इस पुरे वाक्या की शुरुआत होती है दिसंबर के आख़री हफ्ते में कर्नाटक के उडुपी जिले से वहाँ के स्थानीय कॉलेज गवेरमेंट प्री यूनिवर्सिटी फॉर गर्ल्स उडुपी कॉलेज की कुछ मुस्लिम छात्रों ने आरोप लगाया की 27 दिसंबर 2021 को कॉलेज में हिजाब पहन कर बैठने पर कॉलेज प्रशासन ने उनपर रोक लगाया है |कॉलेज प्रशासन के अनुसार छात्राएँ केबल कैंपस में हिजाब पहनकर आ सकती लेकिन कॉलेज के क्लास में नहीं जा सकती है | कुछ समय बाद 15 जनवरी को कुछ छात्राओं की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई जिसमे वो कॉपी पेन के साथ हिजाब पहने कॉलेज के सीढ़ियों पे बैठी दिखाई दि जिसके बाद ये मामला पुरे देश मे फैल गया |

क्या इससे पहले कॉलेज मे हिजाब पहनकर आने की अनुमति थी?
इस मामले को पुरे गहराई से जानने के लिये जब छात्राओं के तरफ से उनकी बात जानने की कोशिश की तो उनका कहना था की कॉलेज मे पहले से हिजाब पहनकर आने की अनुमति थी लेकिन क्लास के अंदर हिजाब पहनना मना था | कॉलेज एडमिसन फॉर्म के क्लाउस मे इस बात को पहले से ही लिखा गया हैं और बकायेदा छात्राओं ने इसपे अपनी मंजूरी के साथ सिग्नेचर भी किये हैं | इन सब चीज़ो के बाबजूद अचानक से 2021 के दिसंबर महीने मे छात्राएँ कॉलेज के अंदर हिजाब पहनने की माँग करने लगती हैं | उनके अनुसार उनहोने अपने सीनियर को क्लास के अंदर हिजाब पहने बैठे देखा हैं जिसके बाद अब वो भी चाहती हैं की उन्हें भी कॉलेज के अंदर हिजाब पहनने की अनुमति दि जाये | कॉलेज प्रशासन के अनुसार ऐसा कोई वाक्या इतने सालो मे देखने को नहीं मिला हैं जिसमे छात्राये हिजाब पहनने की माँग कर रही हो | पुरे कॉलेज मे लगभग 150 से ज्यादा मुस्लिम छात्राएँ हैं लेकिन पहले कभी किसी ने ऐसी माँग नहीं की हैं | सूत्रों के अनुसार कॉलेज प्रशासन का कहना हैं की ये छात्राएँ campus front of India से जूरी हैं जिसके कारण ये सभी को अपनी बातो मे ला कर मामले को भरकओ बना रही हैं |

Campus front of इंडिया क्या हैं?
Campus front of India एक संगठन हैं जो Popular front of India से जुड़ा हुआ हैं | Popular front of India संगठन की शुरुआत 2006 से हुई थी | ये एक मुस्लिम संगठन हैं दझीन भारत केरल,तमिलनाडु,कर्नाटक जैसे राज्यों मे इसकी नीव हैं | भारत सरकार इस संगठन को बैन करने की प्रक्रिया मे लगी हुई हैं क्युकी किसी राज्यों से इस संगठन के बारे मे कोई अच्छे नतीजे देखने को नहीं मिले हैं |

गुजरते दिनों के साथ साथ मामला बढ़ता गया और सरकार तक पहुँच गया जिसके बाद सरकार ने एक कमिटी बनाई और आदेश दिया की जब तक सरकार किसी नतीजे तक नहीं पहुँचती हैं तब तक कॉलेज मे यूनिफार्म पहनकर आना हैं जिसमे की हिजाब शामिल नहीं हैं | इस फैसले से मुस्लिम छात्राये असंतुष्ट रही जिसके बाद वो हिजाब या किताब दोनों मे से किसी एक को चुनने पर आ गयी | छात्राओं के रबाइये को देखते हुए कर्नाटक के MLA ने कहाँ की जब तक सरकार द्वारा कोई फैसला सामने नहीं आता तब तक जिन्हे हिजाब पहनकर आना हैं उनके लिये ऑनलाइन क्लास लिये जायेंगे और बाकि जो बिना हिजाब के आना चाहे वो कॉलेज आ सकते हैं | ये सब यही नहीं रुका ये मामला पूरी तरफ फैल गया कई स्कूल कॉलेज मे और भी छात्राये हिजाब पहनकर कॉलेज मे जाने की माँग करने लगी जिसके साथ कुछ हिन्दू छात्र भी कॉलेज मे भगवा साफा,दुप्पटा पहन कर आने की माँग करने लगे | इन सब चीजों के कारण मुस्लिम और हिन्दू गुटों के बीच काफी अन – बन होने लगी कई बाहरी लोगो ने भी आकर सभी छात्रों को अपने बारकओ बयान से आक्रोषित किया और मामले को बढ़ाया | हालातो को देखते हुए कर्नाटक सरकार को सभी स्कूल कॉलेज बंद करने के साथ साथ धारा 144 भी लागु करनी परी |
सरकार का फैसला क्या आया
कर्नाटक हाई कोर्ट ने 15 मार्च को हिजाब मामले से जुड़े सारे याचिका को ख़ारिज करते हुए फैसला किया की हिजाब पहनना इस्लाम मे जरुरी नहीं हैं जिसके अनुसार कॉलेज मे हिजाब पहन कर आने की आनुमति नहीं दि जाएगी सभी को कॉलेज के अनुसार रखा गया यूनिफार्म पहनकर ही आना होगा नाही कोई साफा और नाही कोई हिजाब |



